सोफिया कॉलेज शैक्षणिक सत्र (2025-26) से स्नातकोत्तर स्तर पर सह-शिक्षा प्रारम्भ
माउंट कार्मेल कॉलेज, बेंगलुरु और सेंट एग्नेस कॉलेज, मैंगलोर जैसे अन्य महिला स्वायत्त कॉलेजों ने भी सह-शिक्षा को अपनाया
सह-शिक्षा से पूर्व शैक्षणिक निकायों, स्टाफ सदस्यों, छात्राओं और उनके अभिभावकों की सहमति ली गई
अजमेर /(राजकुमार वर्मा/मनोज वर्मा) राजस्थान का प्रतिष्ठित सोफिया गर्ल्स कॉलेज (स्वायत्त) अजमेर 2025-26 शैक्षणिक सत्र से स्नातकोत्तर स्तर एवं पी एच डी पर एक सह-शिक्षा संस्थान बनने जा रहा है, आगे आने वाले शैषणिक सत्रों में अन्य विषयों मे भी इसे लागू किया जाएगा।
कॉलेज को सह शिक्षा के लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय से अनुमति मिल गई है। सोफिया कॉलेज राजस्थान में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख अल्पसंख्यक संस्थान है, जो मिशन सिस्टर्स ऑफ़ अजमेर के प्रबंधन के तहत कार्य करता है। कॉलेज ने सफलतापूर्वक स्वायत्तता के 10 वर्ष पूरे कर लिए है। कॉलेज एक A+ ग्रेड ( 3.28 सीजीपीए )
स्वायत्त संस्थान है जो मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (यूजीसी) द्वारा पुनः मान्यता प्राप्त है और महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से संबद्ध है। कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर सिस्टर पर्ल ने कहा कि 1959 से, कॉलेज ने उच्च शैक्षणिक साख और पाठ्यक्रमों की विविधता के साथ अपने समर्पित और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च प्रतिष्ठा
प्राप्त की है।
कॉलेज को भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कॉलेज के रूप में मान्यता प्राप्त हैं और इसे राजस्थान राज्य में स्वायत्त संस्थानों में दूसरा स्थान दिया गया है।
कला और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए 1959 में कॉलेज की शुरुआत की गई थी वर्ष 2000 के बाद वाणिज्य, कंप्यूटर एप्लीकेशन और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पाठ्यक्रम शुरू किए गए। कॉलेज हमेशा नए शैक्षणिक मानक स्थापित करने में अग्रणी रहा है और 2015 में कॉलेज ने खुद को यूजीसी द्वारा नान्यता प्राप्त एक स्वायत्त कॉलेज के रूप में स्थापित किया। वर्तमान में कॉलेज ने लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान
करते हुए 67 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस कॉलेज की पूर्व छात्राएँ पूरे देश में उच्च पदों को सुशोभित कर रहीं हैं।
इस सत्र से अंग्रेजी, भूगोल, कंप्यूटर विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, रसायन विज्ञान, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य (एबीएसटी, बी ए डी एम) और बी एल आई एस में स्नातकोत्तर के लिए सत्र 2025-26 से छात्र भी प्रवेश ले सकते है जिसके लिए प्रवेश खुले है। 2015 से पुरुष और महिला दोनों के लिए भूगोल, इतिहास, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर
विज्ञान और वाणिज्य में एम. डी. एस विश्वविद्यालय, अजमेर द्वारा मान्यता प्राप्त पी एच डी पाठयक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कॉलेज राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसका लक्ष्य अपने विद्यार्थियों में वैश्विक मानकों को विकसित करना है। अपने दौरे के दौरान मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद पीयर टीम ने कॉलेज के विकास के लिए रचनात्मक सुझाव दिए और उन्हें एक डीम्ड-टू-बी
यूनिवर्सिटी बनाने का सुझाव दिया। इस लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए सोफिया कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी की प्रबंधन समिति ने परिसर में सह-शिक्षा को अपनाने और शिक्षा में सनावेशिता की ओर बढ़ने का निर्णय लिया। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक निकायों, स्टाफ सदस्यों, छात्राओं और उनके अभिभावकों की सहमति ली गई है।
अपने विद्यार्थियों के बीच रोजगार और उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देने के लिए, लैंगिक समावेशन के बाद आने वाले वर्षों ने एम. सी. ए. एम. बी. ए. कानून आदि जैसे नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर में अलग कॉमन रूम, टॉयलेट, होम गार्ड, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी आदि की व्यवस्था की जा चुकी है। माउंट कार्मेल कॉलेज, बेंगलुरु और सेंट एग्नेस कॉलेज, मँगलोर जैसे अन्य महिला स्वायत्त कॉलेजों ने भी सह-शिक्षा को अपनाया है।
प्रिसिपल डॉ सिस्टर पर्ल ने कहा कि संस्था यूजीसी, नई दिल्ली. कॉलेज शिक्षा निदेशालय जयपुर, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर, विद्यार्थी समुदाय, उनके माता-पिता और पूरे समाज के अटूट समर्थन और प्रोत्साहन के लिए हमेशा आभारी रहेगी
इस अवसर पर प्रिसिपल डॉ सिस्टर पर्ल ने कहा--
प्रिसिपल डॉ सिस्टर पर्ल ने कहा की रक्षा बंधन के पावन पर्व के पूर्व सोफिया गर्ल्स कॉलेज (स्वायत्त) अजमेर 2025-26 शैक्षणिक सत्र से स्नातकोत्तर स्तर एवं पी एच डी सह-शिक्षा की अनुमति मिलने से कॉलेज में ख़ुशी की लहर है